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बिहारीलाल

Bihari Lal · c. 1595–1663

ग्वालियर / आमेर · «बिहारी सतसई» के रचयिता

रीतिकाल ब्रजभाषा श्रृंगार · दोहा
713दोहे 1सतसई 17शताब्दी 3रस

रीतिकाल का सबसे सघन कवि। सात सौ दोहों में श्रृंगार, भक्ति और नीति — हर दोहा अपने आप में एक पूरी कथा, इसीलिए कहा गया कि इनमें «नाविक के तीर» जैसी मार है।

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बिहारी सतसई Bihari Satsai दोहा-संग्रह