Skip to content
मानसरोवर साहित्य
Menu
Poets
Library
Magazine
Events
Circles
Submissions
Search
Join
Poetic form: <span>अभंग</span>
वृक्षवल्ली आम्हा सोयरी
पेड़-लताएँ ही सगे-सम्बन्धी हैं, पक्षी ही स्वजन — तुकाराम का सबसे गाया जाने वाला अभंग, जिसमें एकान्त कोई त्याग नहीं, एक सुख…