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Poetic form: <span>कविता</span>
विजयमन्त्र
साथ चलने का आह्वान — प्रत्येक बन्द एक साझा कर्म से आरम्भ होकर विजय की टेक पर लौटता है। वीर रस में…
अडिगपन्थी
आँधियों को सम्बोधित अडिग पथिक का उत्तर। टेक प्रत्येक बन्द के बाद लौटती है और संकल्प को दोहराती है।