Skip to content
मानसरोवर साहित्य
Menu
Poets
Library
Magazine
Events
Circles
Submissions
Search
Join
Poetic form: <span>कवित्त</span>
अति सूधो सनेह को मारग है
प्रेम का रास्ता सीधा है — इतना सीधा कि उसमें चतुराई की कोई गुंजाइश नहीं। रीति-परम्परा के बीच खड़ी एक रीति-मुक्त घोषणा।