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Poetic form: <span>चौपाई</span>
पद्मावत — स्तुति खण्ड
पद्मावत का आरम्भ एक कर्ता के स्मरण से होता है, फिर सृष्टि की गिनती — और उसी क्रम में कवि अपनी कथा…
रामचरितमानस — मंगलाचरण
मानस की पहली चौपाइयाँ गुरु के चरण-रज को औषधि कहती हैं — और उसी क्रम से पूरी कथा आरम्भ होती है।