Poetic form: <span>दोहा</span>
साखी — चुने हुए दोहे
कबीर की साखियाँ — दो पंक्तियों में एक पूरा तर्क। यहाँ पाँच सबसे प्रचलित दोहे, जिनमें आत्म-परीक्षा, स्मरण, प्रेम और वाणी का…
रहीम के दोहे
रहीम का नीति-बोध चित्रों में चलता है — टूटा धागा, मोतियों की माला, सुई और तलवार। उपदेश कहीं नहीं, दृष्टान्त हर जगह।
बिहारी सतसई — चुने हुए दोहे
बिहारी के दोहे में जितना कहा जाता है, उससे अधिक संकेत में छूटता है — यही उनकी «नाविक के तीर» वाली मार…