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Poetic form: <span>श्लोक</span>
मेघदूतम् — प्रथम श्लोक
शापित यक्ष रामगिरि के आश्रमों में निर्वासित है। पहला ही श्लोक पूरी कथा की स्थिति रख देता है — कर्तव्य से चूका…
नीतिशतकम् — साहित्यसंगीत
कला के बिना मनुष्य क्या है — भर्तृहरि का उत्तर तीखा है, और इसी तीखेपन ने इस श्लोक को सूक्ति बना दिया।