गीतगोविन्दम् — वसन्तरास
अष्टपदी · वसन्त · गीतिकाव्य
राधा-कृष्ण के प्रेम को गेय अष्टपदियों में बाँधने वाला काव्य। संस्कृत में लिखा, पर लय लोकगीत की — इसी से यह मन्दिर से लेकर ओडिसी तक गाया जाता रहा।
What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.
अष्टपदी · वसन्त · गीतिकाव्य
Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.