कुरूक्षेत्र – प्रथम सर्ग
प्रबंध-काव्य
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908–1974) हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक कवि, लेखक और राष्ट्रकवि थे। उनकी रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, वीरता, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत समन्वय मिलता है। ‘रश्मिरथी’, ‘उर्वशी’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘हुंकार’ उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं। ओजपूर्ण भाषा और प्रभावशाली विचारों के कारण दिनकर हिंदी साहित्य में आज भी अत्यंत लोकप्रिय और प्रेरणादायी स्थान रखते हैं।
The list of books is still being compiled.
What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.
प्रबंध-काव्य
प्रबंध-काव्य
प्रबंध-काव्य
प्रबंध-काव्य
प्रबंध-काव्य
प्रबंध-काव्य
Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.