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भर्तृहरिः

Bhartrihari · c. 5th c.

शतकत्रय — नीति, श्रृंगार, वैराग्य

शतकत्रय संस्कृत नीति · वैराग्य
300श्लोक 3शतक c. 5th c.काल 1परम्परा

तीन शतकों में संसार को देखने के तीन ढंग — नीति, श्रृंगार और वैराग्य। सूक्ति-शैली ऐसी कि आज भी पंक्तियाँ कहावत की तरह चलती हैं।

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नीतिशतकम् Nitishatakam शतक