पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
पद · भजन · सन्त-धन
राजघराने से निकलकर सन्तों के बीच गयी कवयित्री। पदों में भक्ति और विद्रोह अलग नहीं — प्रेम का चुनाव ही समाज को दिया गया उत्तर है।
What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.
पद · भजन · सन्त-धन
पद · समर्पण · मीरा पदावली
Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.