मेघदूतम् — प्रथम श्लोक
खण्डकाव्य · पूर्वमेघ · मन्दाक्रान्ता
संस्कृत काव्य का शिखर। «मेघदूतम्» में विरही यक्ष बादल को दूत बनाकर अपनी प्रिया के पास भेजता है — यही सन्देश-काव्य की परम्परा का आरम्भ है।
What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.
खण्डकाव्य · पूर्वमेघ · मन्दाक्रान्ता
Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.