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નરસિંહ મહેતા
Narsinh Mehta · c. 1414–1481
जूनागढ़, सौराष्ट्र · «आदि कवि» of Gujarati
भक्ति
गुजराती
पद · प्रभातिया
740+पद
15शताब्दी
1आदि कवि
1वैष्णव जन
गुजराती भक्ति-काव्य के आदि कवि। «वैष्णव जन तो» उनका सबसे प्रसिद्ध पद है — जिसमें वैष्णव की परिभाषा पूजा से नहीं, दूसरे के दुख को पहचानने से बनती है।
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Prabhatiya
पद