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Poems & works

திருக்குறள் — கடவுள் வாழ்த்து तिरुक्कुरल का पहला कुरल — जैसे अकार सब अक्षरों का आदि है, वैसे ही आदि भगवान् जगत् का आदि है। पूरा ग्रन्थ… पता नहीं क्या सोच सुधाकर रखा मेरा नाम अपने ही नाम से प्रश्न — «सुधाकर» अर्थात् चन्द्रमा, और जीवन तमस में बीता। कवि का आत्म-सम्बोधन, टेक-सहित। दर्द बैठा कुण्डली मारे छल और स्वार्थ से भरे समय में ठहरी हुई पीड़ा का गीत। टेक हर बन्द के बाद लौटकर उसी वेदना पर लौट… अडिगपन्थी आँधियों को सम्बोधित अडिग पथिक का उत्तर। टेक प्रत्येक बन्द के बाद लौटती है और संकल्प को दोहराती है। विजयमन्त्र साथ चलने का आह्वान — प्रत्येक बन्द एक साझा कर्म से आरम्भ होकर विजय की टेक पर लौटता है। वीर रस में… बूँद ने कहा तारिका और ओस की बूँद का संवाद — भय के विरुद्ध प्रेम का पक्ष। अन्तिम पंक्तियाँ जानने और जीने का अन्तर बताती…