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मीराबाई

Poet in the archive

मीराबाई

Mirabai · c. 1498–1546

मेड़ता, मारवाड़ · गिरधर गोपाल की भक्त

सगुण भक्ति राजस्थानी · ब्रज पद · भजन
200+पद 1गिरधर 16शताब्दी 2रचनाएँ

About

राजघराने से निकलकर सन्तों के बीच गयी कवयित्री। पदों में भक्ति और विद्रोह अलग नहीं — प्रेम का चुनाव ही समाज को दिया गया उत्तर है।

Works

Representative poems

What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पद · भजन · सन्त-धन

मेरे तो गिरधर गोपाल

पद · समर्पण · मीरा पदावली

Literary relationships

Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.

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