मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो
पद · वात्सल्य · सूरसागर
ब्रजभाषा के सर्वोपरि वात्सल्य-कवि। «सूरसागर» के पदों में कृष्ण का बालरूप इतना जीवित है कि माखन-चोरी का प्रसंग भी एक पूरी नाट्य-रचना बन जाता है।
What each poem carries is shown on its row — nothing is promised that is not there.
पद · वात्सल्य · सूरसागर
Who this poet read, who read this poet, and who was writing alongside.